Prarthana लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा
Prarthana लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा

सोमवार, ११ ऑगस्ट, २०२५

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे - Om Tryambakam Yajamahe

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे 

सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।


उर्वारुकमिव बन्धनान् 

मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ 


Om Tryambakam Yajamahe 

Sugandhi Pushtivardhanam 

Urvarukmiv Bandhanan

Mrutyormukshiy Mamrutat 



बुधवार, ३० जुलै, २०२५

राम रक्षा स्तोत्र Ram Raksha Stotra

राम रक्षा स्तोत्र  
Ram Raksha Stotra

विनियोग:
अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः।
श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप छंदः। सीता शक्तिः।
श्रीमान हनुमान कीलकम।
श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः।

अथ ध्यानम्‌:
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌।
वामांकारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालंकार दीप्तं दधतमुरुजटामंडलं रामचंद्रम।

चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्। 
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्।।

ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितं।।

सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरान्तकम्।
स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम्।।

रामरक्षां पठेत प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम्।
शिरो मे राघवः पातु भालं दशरथात्मजः।।

कौसल्येयो दृशो पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुति।
घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः।।

जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरतवन्दितः।
स्कन्धौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः।।

करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित।
मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रयः।।

सुग्रीवेशः कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः।
उरु रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृताः।।

जानुनी सेतुकृत पातु जंघे दशमुखांतकः।
पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामअखिलं वपुः।।

एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृति पठेत।
स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्।।

पातालभूतल व्योम चारिणश्छद्मचारिणः।
न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः।।

रामेति रामभद्रेति रामचंद्रेति वा स्मरन।
नरौ न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति।।

जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्।
यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः।।

वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत।
अव्याहताज्ञाः सर्वत्र लभते जयमंगलम्।।

आदिष्टवान् यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः।
तथा लिखितवान् प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः।।

आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम्।
अभिरामस्त्रिलोकानां रामः श्रीमान स नः प्रभुः।।

तरुणौ रूपसम्पन्नौ सुकुमारौ महाबलौ।
पुण्डरीकविशालाक्षौ चीरकृष्णाजिनाम्बरौ।।

फलमूलाशिनौ दान्तौ तापसौ ब्रह्मचारिणौ।
पुत्रौ दशरथस्यैतौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ।।

शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम्।
रक्षःकुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघूत्तमौ।।

आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशा वक्ष याशुगनिषङ्गसङ्गिनौ।
रक्षणाय मम रामलक्ष्मणावग्रतः पथि सदैव गच्छताम।।

सन्नद्धः कवची खड्गी चापबाणधरो युवा।
गच्छन् मनोरथान नश्च रामः पातु सलक्ष्मणः।।

रामो दाशरथी शूरो लक्ष्मणानुचरो बली।
काकुत्स्थः पुरुषः पूर्णः कौसल्येयो रघूत्तमः।।

वेदान्तवेद्यो यज्ञेशः पुराणपुरुषोत्तमः।
जानकीवल्लभः श्रीमानप्रमेयपराक्रमः।।

इत्येतानि जपन नित्यं मद्भक्तः श्रद्धयान्वितः।
अश्वमेधाधिकं पुण्यं सम्प्राप्नोति न संशयः।।

रामं दुर्वादलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम।
स्तुवन्ति नामभिर्दिव्यैर्न ते संसारिणो नरः।।

रामं लक्ष्मणपूर्वजं रघुवरं सीतापतिं सुन्दरं
काकुत्स्थं करुणार्णवं गुणनिधिं विप्रप्रियं धार्मिकम।।

राजेन्द्रं सत्यसंधं दशरथतनयं श्यामलं शांतमूर्तिं
वन्दे लोकाभिरामं रघुकुलतिलकं राघवं रावणारिम।।

रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः।।

श्रीराम राम रघुनन्दन राम राम।
श्रीराम राम रणकर्कश राम राम।
श्रीराम राम शरणं भव राम राम।।

श्रीराम चन्द्रचरणौ मनसा स्मरामि श्रीराम चंद्रचरणौ वचसा गृणामि।
श्रीराम चन्द्रचरणौ शिरसा नमामि श्रीराम चन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये।।

माता रामो मत्पिता रामचन्द्रः स्वामी रामो मत्सखा रामचन्द्रः ।
सर्वस्वं मे रामचन्द्रो दयालुर्नान्यं जाने नैव जाने न जाने।।

दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे च जनकात्मज।
पुरतो मारुतिर्यस्य तं वन्दे रघुनन्दनम्।।

लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथं।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये।।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीराम दूतं शरणं प्रपद्ये।।

कूजन्तं रामरामेति मधुरं मधुराक्षरम।
आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम।।

आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।।

भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्।
तर्जनं यमदूतानां रामरामेति गर्जनम्।।

रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे 
रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः।।

रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोस्म्यहं 
रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धराः।।

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।

सोमवार, २३ जून, २०२५

ॐ मृत्युंजयाय रुद्राय - Om Mrutunjayay Rudray

ॐ मृत्युंजयाय रुद्राय 
नीलकण्ठाय शम्भवे । 

अमृतेशाय शर्वाय 
महादेवाय ते नम: ॐ॥

Om Mrutunjayay Rudray
Nilakanthay Shambhave । 

Amruteshay Sharvay 
Mahadev Te Namh Om ॥ 
 

 

महादेवाची प्रार्थना

Mahadev Stotra

Mahakal Strotra 

कैलासराणा शिवचंद्रमौळी - Kailasrana Shivchandramouli

कैलासराणा शिवचंद्रमौळी ।

फणींद्र माथां मुकुटी झळाळी ।

कारुण्यसिंधू भवदुःखहारी ।

तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥


Kailasrana Shivchandramouli ।

Phanindra Matha Mukuti Zalali ।

Karunyasindhu Bhavdukhhari ।

Tuzvin Shambho Maj Kon Tari ॥

 

Mahadevachi Prathana

Mahadev Ki Prathana

शुक्रवार, १४ फेब्रुवारी, २०२५

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये Om Sarv Manglye

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये

शिवे सर्वार्थसाधिके।
 

शरण्ये त्रयम्बके गौरी

नारायणी नमोस्तुते।।
 
 
Om Sarvamangal Mangalye
Shive Sarvarth Sadhike |
 
Sharanye Tramake Gauri
Narayani Namostute ||

शुक्रवार, ३ जानेवारी, २०२५

अलंकापुरी पुण्य भूमी पवित्र - Aalankapuri Punya Bhumi Pavitra

 

अलंकापुरी पुण्य भूमी पवित्र
 

तिथे नांदतो ज्ञानराजा सुपात्र
 

तया आठविता महापुण्यराशी
 

नमस्कार माझा सदगुरु ज्ञानेश्वराशी

****


Aalankapuri Punya Bhumi Pavitra
 

Tithe Nandato Dnyanaraja Supatra
 

Taya Aathavita Mahapunyarashi
 

Namskar Maza Sadguru Dnyaneshwaranshi

रविवार, ९ जून, २०२४

रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे । Ramay Rambhadray Ramchandray Vedhase

रामाय रामभद्राय

रामचंद्राय वेधसे ।
 

रघुनाथाय नाथाय

सीतायाः पतये नमः ॥

 

Ramay Rambhadray

Ramchandray Vedhase ।
 

Raghunathay Nathay

Sitaya Pataye Namh ॥

बुधवार, २९ मे, २०२४

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने Om Krushnay Vasudevay Haraye Paramatmane

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ॥
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ॥


Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane॥
Pranata: Kleshanashaya Govindaya Namo Nama:॥

मंगळवार, ३० मे, २०२३

राम रामेति रामेति Ram Rameti Rameti

राम रामेति रामेति,

रमे रामे मनोरमे ।


सहस्त्रनाम तत्तुल्यं,

रामनाम वरानने ।।


Ram Rameti

Rme Rane Manorame |


Sahatranam Tattulyam,

Ramanam Varanane ||


शुक्रवार, ३ मार्च, २०२३

Om Namoji Aadhya ॐ नमोजी आद्या

ॐ नमोजी आद्या । वेद प्रतिपाद्या ॥

जय जय स्वसंवेद्या । आत्मरूपा ॥१॥

देवा तूंचि गणेशु । सकळमति प्रकाशु ॥

म्हणे निवृत्ति दासु । अवधारिजो जी ॥२॥


अकार चरण युगुल । उकार उदर विशाल ॥

मकार महामंडल । मस्तकाकारें ॥३॥

हे तिन्ही एकवटले । तेथें शब्दब्रह्म कवळलें ॥

ते मियां श्रीगुरुकृपें नमिलें । आदिबीज ॥४॥

आतां अभिनव वाग्विलासिनी । जे चातुर्यार्थ कलाकामिनी ॥

ते श्रीशारदा विश्वमोहिनी । नमिली मीयां ॥५॥


Om Namoji Aadya | Ved Pratipadya ||

Jay Jay Swasanveda | Aatmrupa || 1 ||


Deva Tunchi Ganeshu | Sakalmati Prakashu ||

Mhane Nivrutti Dasu | Avadharijo Ji || 2 ||

 

मंगळवार, २६ जानेवारी, २०२१

ज्या ज्या ठिकाणी मन जाय माझे - स्तोत्र / गण / प्रार्थना Jya Jya Thikani Man Jay Maze

 स्तोत्र / गण / प्रार्थना  


ज्या ज्या ठिकाणी मन जाय माझे 

त्या त्या ठिकाणी नीज रूप तुझे 

मी ठेवितो मस्तक ज्या ठिकाणी 

तेथे तुझे सद्गुरू पाय दोन्ही 


Jya Jya Thikani Man Jay Maze

Tya Tya Thikani Nij Rup Tuze

Mi Thevito Mastak Jya Thikani

Tethe Tuze Sadguru Pay Donhi

ध्यान मूलमं गुरुमूर्ती - स्तोत्र / गण / प्रार्थना Dhyan Mulam Gurumurti

 स्तोत्र / गण / प्रार्थना  


ध्यान मूलमं गुरुमूर्ती 

पूज मुलंम  गुरुपदम 

मंत्र मुलंम गुरु : वाक्यम 

मोक्ष मुलंम गुरु कृपा 


Dhyan Mulam Gurumurti

Puja Mulam Gurupdam

Mantra Mulam Guruh Vakyam

Moksha Mulam Guru Krupa

ओम नमोजी गजानना - स्तोत्र / गण / प्रार्थना Om Namoji Gajanana

स्तोत्र / गण / प्रार्थना

ओम नमोजी गजानना
एकदंता त्री नयना 

कृपा दृष्टी भक्त जना
अवलो को वी

तुज नमु वेद माते
श्री शारदे ब्रह्मसुते
कृपा करावी भगवंते
स्फूर्ती रुपे 


Om Namoji Gajanana

Ekadanta Tri Nayana

Krupa Drushti Bhakta Jana

Avalo ka vi

Tuj Namu Ved Mate

Shri Sharada Bramhasute

Krupa Karavi Bhagavante

Sphurti Rupe

ध्यान गणेशाचे वर्णिता - स्तोत्र / गण / प्रार्थना Dhyan Ganeshache Varnita

 


                                                                         Youtube Video

स्तोत्र / गण / प्रार्थना  

ध्यान गणेशाचे वर्णिता
मती प्रकाश होय भ्रांता 

गुणनुवादश्रवण करता
ओळे सरस्वती

जयासी ब्रम्हादिक वंदिती
तेथे मानव बापुडे किती

असो प्राणी मंदमती
तेही गणेश चिंतावा 

Youtube Video

Dhyan Ganeshache Varnita

Mati Prakash Hoy Bhranta

Gunnuvad Shravan Karata

Ole Saraswati

Jaysi Bramhadik Vanditi

Tethe Bapude Kiti

Aso Prani MandMati

Tehi Ganesh Chintava



वक्रतुंड महाकाय - स्तोत्र / गण / प्रार्थना Vakratund Mahakay - Strotra / Gan / Prathana


 स्तोत्र / गण / प्रार्थना 

Strotra / Gan / Prathana

वक्रतुंड महाकाय 

सूर्य कोटी सम प्रभ : ।

निर्विघनम  कुरुमे देव 

सर्व कार्येषु सर्वदा  ।।

Vakratund Mahakay
Suryakoti Samprabha ।
Nirvighnam Kurume Dev
Sarv Karyeshu Sarvada ।।